PAKODE , INSTAGRAM AUR SAAS
पकोड़े बनाते हुए मैंने बस अभी एक पकोड़ा मुँह के अंदर लिया ही था कि माँ की पीछे से फटकार वाली आवाज़ आयी | " हाँ हाँ सब जूठा कर दो , सास क्या कहेगी माँ ने कुछ धरम करम नहीं सिखाया |" मैंने भी बड़ी बेफिक्री में बोला , "कौन सा सारे खा लिए हैं मैंने बस एक चखा ही तो है और वैसे भी सबरी के बेर जब जूठे नहीं बल्कि उनके प्रेम का प्रतीक थे तो ये जूठा कैसे हुआ ?" मेरी इस बात पर माँ ने नाउम्मीदी भरी एक लम्बी साँस अंदर ली और फिर बाहर छोड़ी | मैं वापिस अपनी धुन में |
आज कल रोटी कपड़ा और मकान के साथ साथ इंटरनेट भी जीवन की मूलभूत आवश्यकता और उस पर भी इंस्टाग्राम, फेसबुक और तमाम सोशल नेटवर्किंग साइट्स जिनपे दिन भर में एक दो पोस्ट या स्टोरी डालना दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा | मैंने भी बस अपने पकोड़ो की लुभावनी और मुँह में पानी लाने वाली शक्ल को बुमररेंग में तब्दील करने के लिए बस मो उठाया ही कि माता जी का गर्जना भरा स्वर फिर सुनाई दिया | "हाँ हाँ पकोड़ों के साथ मो भी तल ही दो आज, यही ससुराल जाकर करोगी और रोज़ सास के ताने हमें मिलेंगे |"
अब मैं दुविधा में हूँ | पकोड़े बनाते समय खाना गलत है ? किचन में मो चलाना गलत है ? या ये सास रूपी क़िरदार ही गलत है ?

ना ही पकोड़े बनाते समय खाना गलत है और ना ही किचन में मो चलाना गलत है एवं ये सास रूपी क़िरदार ज़रा भी गलत नहीं है केवल और केवल पकडे जाना पूर्णतः गलत है ��
ReplyDeletePakde jana galat hai
ReplyDeleteMay be..
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